शुगर (डायबिटीज) क्या है? शुरुआत से जानें इसके लक्षण और कारण

भूमिका (Introduction)

आजकल डायबिटीज (Diabetes) एक आम समस्या बनती जा रही है। यह बीमारी तब होती है जब हमारे शरीर में ब्लड शुगर (Blood Sugar) का लेवल सामान्य से अधिक हो जाता है। यदि समय रहते इसके लक्षणों को पहचाना न जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। इस लेख में हम जानेंगे कि शुगर की बीमारी के क्या लक्षण होते हैं और इसे कैसे पहचाना जा सकता है।

शुगर की बीमारी के प्रकार (Types of Diabetes)

डायबिटीज तीन प्रकार की होती है:

  1. टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) – यह एक ऑटोइम्यून बीमारी (Autoimmune Disease) है जिसमें शरीर इंसुलिन (Insulin) बनाना बंद कर देता है।

  2. टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) – इसमें शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

  3. गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) – यह प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में देखा जाता है, लेकिन डिलीवरी के बाद सामान्य हो सकता है।

डायबिटीज के शुरूआती संकेत (Common Symptoms of Diabetes)

  1. अत्यधिक प्यास लगना (Excessive Thirst) – बार-बार प्यास लगना डायबिटीज का प्रमुख लक्षण हो सकता है।

  2. बार-बार पेशाब आना (Frequent Urination) – ब्लड शुगर बढ़ने से किडनी ज्यादा पेशाब बनाने लगती है।

  3. अचानक वजन कम होना (Unexplained Weight Loss) – बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन घटना शुगर का संकेत हो सकता है।

  4. ज्यादा भूख लगना (Increased Hunger) – शरीर की कोशिकाएं ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर पातीं, जिससे भूख अधिक लगती है।

  5. थकान और कमजोरी महसूस होना (Fatigue and Weakness) – हर समय कमजोरी और थकान महसूस होना डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।

  6. धुंधली दृष्टि (Blurred Vision) – डायबिटीज के कारण आंखों पर असर पड़ सकता है।

  7. चोट या घाव जल्दी न भरना (Slow Healing of Wounds) – शरीर की हीलिंग पावर कम हो जाती है।

  8. हाथ-पैर में झनझनाहट (Tingling Sensation in Hands and Feet) – नर्व डैमेज (Nerve Damage) के कारण झनझनाहट महसूस हो सकती है।

डायबिटीज से बचाव के उपाय (Prevention Tips for Diabetes)

  1. संतुलित आहार लें (Healthy Diet) – फाइबर युक्त आहार और कम कैलोरी वाले फूड्स का सेवन करें।

  2. नियमित व्यायाम करें (Regular Exercise) – रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज करें।

  3. वजन नियंत्रित रखें (Maintain Healthy Weight) – मोटापा डायबिटीज का बड़ा कारण हो सकता है।

  4. शुगर और जंक फूड से बचें (Avoid Sugar & Junk Food) – ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें।

  5. रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं (Regular Health Checkup) – समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करवाते रहें।

डायबिटीज के लिए आहार योजना (Diabetic Diet Chart)

  1. सुबह का नाश्ता – मल्टीग्रेन पराठा, अंकुरित अनाज, ग्रीन टी।

  2. दोपहर का भोजन – ब्राउन राइस, दाल, हरी सब्जियां, दही।

  3. शाम का नाश्ता – मूंगफली, भुना चना, ग्रीन टी।

  4. रात का खाना – चपाती, सब्जी, सलाद, हल्का सूप।

शुगर को जड़ से खत्म करने के आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपाय

  1. जामुन के बीज – जामुन की गुठली का पाउडर रोज़ाना लें।

  2. गिलोय का रस – यह शुगर को नियंत्रित करता है।

  3. करेला जूस – सुबह खाली पेट पीने से फायदा होता है।

  4. मेथी के दाने – भिगोकर पानी के साथ सेवन करें।

  5. नीम और तुलसी – इनके पत्तों का रस लाभकारी होता है।

योग और प्राणायाम

  1. कपालभाति – रोजाना 15 मिनट करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।

  2. अनुलोम-विलोम – यह पाचन तंत्र को सुधारता है।

  3. मंडूकासन – यह अग्नाशय को एक्टिव करता है।

FAQ

  1. शुगर में चावल खाना चाहिए या नहीं? – ब्राउन राइस बेहतर विकल्प है।

  2. खाली पेट शुगर कितनी होनी चाहिए? – 70-100 mg/dL सामान्य है।

  3. शुगर में नारियल पानी पीना चाहिए या नहीं? – कम मात्रा में लिया जा सकता है इसमें आप अधिक की गुंजाईश न रखे

  4. 40 साल  के व्यक्ति को कितना शुगर होना चाहिए? – 80-120 mg/dL सामान्य है।

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी हो सकती है, लेकिन सही जीवनशैली अपनाकर इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आपको इस बीमारी के लक्षण नजर आएं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लें।

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